काशी में क्यों फंस गया पेंच?

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why varanasi becomes very crucial in 7th phase of UP election?

Last updated : 3 March, 2017 | Jung-E-Awadh,Political

सिर्फ कहने भर को नहीं है कि हमारा देश भारत, विविधताओं से भरा है, बल्कि यहां मोड़-मोड़ पर, हर मौसम और हर पर्व में ये साबित होता रहता है। अब देखिए ना, लोकतंत्र के महायज्ञ में हिन्दुस्तान की पूरी हुकूमत, एक सूबे के एक ज़िले में इकट्ठा हो गई है। कई केन्द्रीय मंत्री लगातार यहां माहौल बना रहे हैं, तो देश के प्रधानमंत्री तक अपने कई मंत्रियों के साथ यहां कैंप करने वाले हैं। कारण है चुनाव में जीत पक्की करना। अब विधानसभा के चुनाव में एक संसदीय क्षेत्र की 5 सीटों के लिए केन्द्र की मोदी सरकार अपने पूरे तामझाम के साथ यहां डंटने को आखिर मजबूर क्यों है? आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर काशी में क्यों फंस गया पेंच?

छठे चरण का प्रचार थम चुका है। अब सबका फोकस सातवें चरण के संग्राम पर है। सातवें चरण में 7 जिलों की 40 सीटों पर मतदान होना है, लेकिन सबकी निगाहें तो शिव की नगरी काशी यानि वाराणसी पर टिकी हुई है। वाराणसी पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है और पूर्वांचल की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र है। कहते है, यूपी की सियासत की दशा और दिशा पूर्वांचल तय करता है और पूर्वांचल को दिशा बनारस देता है।

  • बनारस की अहमियत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद तीन दिन यहां डेरा डालने वाले हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 मार्च को बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद जौनपुर में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे।
  • फिर यहां से पीएम बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जाएंगे और वहां से शाम साढ़े चार बजे काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे।
  • विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद पीएम मोदी काशी के कोतवाल कहे जाने वाले कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन कर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।

कालभैरव की याद पीएम मोदी को ऐसे ही नहीं आ गई बल्कि बनारस के इस चुनाव में खुद उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। काशी जीतने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। करीब 3 दर्जन से ज्यादा केंद्रीय मंत्री बनारस की गलियों और घाटों पर वोट मांग रहे हैं। दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक समेत देश भर से आए बीजेपी के कार्यकर्ता वाराणसी में डेरा डाले हुए हैं। 4 मार्च को यूपी चुनाव के चार मुख्य किरदार यहां लगभग एक ही वक्त पर वाराणसी में मौजूद रहेंगे।

मायावती-अखिलेश भी दिखाएंगे दम

  • 4 मार्च को पीएम मोदी के अलावा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, सीएम अखिलेश यादव और बीएसपी अध्यक्ष मायावती वाराणसी में वोट मांगेंगे।
  • अखिलेश और राहुल दोपहर तीन बजे वाराणसी में रोड शो करेंगे।
  • अखिलेश-राहुल का रोड शो पुलिस लाइन्स स्थित अंबेडकर प्रतिमा से शुरु होकर BHU के लंका गेट तक जाएगा।
  • इस रोड शो में दोनों नेता करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
  • राहुल-अखिलेश जब रोड शो के लिए बनारस पहुंचेंगे उस वक्त पीएम मोदी बाबतपुर एयरपोर्ट से बीएचयू की ओर जा रहे होंगे।
  • 4 मार्च को एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी और अखिलेश-राहुल अपना दम दिखा रहे होंगे तो दूसरी तरफ बीएसपी सुप्रीमो मायावती भी काशी के वोटरों को लुभाएंगी।
  • रोहनिया स्थित जगतपुर डिग्री कॉलेज में मायावती एक विशाल सभा को संबोधित करेंगी।
  • मायावती का प्रचार अभियान वाराणसी में रैली के साथ ही संपन्न हो जाएगा।

बहरहाल, वाराणसी में 8 मार्च को वोट डाले जाएंगे जबकि प्रचार 6 मार्च को ही थम जाएगा। ऐसे में अगले तीन दिन बनारस के लिए बेहद अहम है, क्योंकि दल और नेता चाहे कोई हो फोकस सबका अब बस काशी है।

वाराणसी के अहम आंकड़े

  • वाराणसी की जनसंख्या - 3676841
  • क्षेत्रफल - 1535 वर्ग किलोमीटर
  • साक्षरता - 75.60 फीसदी।
  • वोटर मतदान करेंगे - 27,79,163
  • युवा वोटर पहली बार मतदान करेंगे - 49,786

विधानसभावार वोट -

  • शिवपुर - 3,40, 696
  • अजगरा - 3,35,165
  • रोहनिया - 3,77,524
  • पिंडरा - 3,41,123
  • सेवापुरी - 3,17,338
  • वाराणसी कैंट - 4,06,493
  • शहर उत्तरी - 3,81,492
  • शहर दक्षिणी -2,79,332

किस धर्म की कितनी आबादी ?

  • हिंदू - 84.52 फीसदी
  • मुस्लिम - 14.88 फीसदी
  • ईसाई - 0.21 फीसदी
  • सिख - 0.09 फीसदी

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