इस बार भी नहीं होगा जल्लीकट्टू, जानें क्या है ये खेल

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Supreme Court says No to Jallikattu in Tamil Nadu

Last updated : 12 January, 2017 | Top News

इस बार भी तमिलनाडुु में पोंगल के मौके पर जल्लीकट्टू पर्व का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस खेल पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से साल 2014 में प्रतिबंध लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये खेल जानवरों के साथ हिंसा को बढ़ावा देता है। आज भी सुप्रीम कोर्ट ने पोंगल से पहले इस प्रतिबंध को हटाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट ने इस पूरे मामले से जुड़े आदेश का ड्राफ्ट बना लिया है। लेकिन शनिवार से पहले फैसला सुनाना संभव नहीं होगा। शनिवार 14 जनवरी को तमिलनाडु में पोंगल मनाया जाएगा। पिछले साल भी सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लगाई गई राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था। 

क्या है जल्लीकट्टू

जल्लीकट्टू तमिलनाडु की संस्कृति से जुड़ा एक खेल है। इसमें बैलों पर काबू पाया जाता है। बैलों के सींगों पर सोना-चांदी के सिक्के टंगे रहते हैं। दरअसल तमिलनाडु में मकर संक्रांति का पर्व पोंगल के नाम पर मनाया जाता है। इसी में इस खेल का आयोजन किया जाता है। साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि ये खेल जानवरों के साथ हिंसा को बढ़ाने का काम करता है। इसके बाद इस पर रोक लगा दी थी। 

 

 

 

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