अम्मा जैसी दिखती हैं, संभाल सकती हैं पार्टी की कमान, जानें कौन है वो…

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Jayalalithaa's niece Deepa Jayakumar can make things tough for sasikala

Last updated : 13 December, 2016 | Political

जयललिता के निधन के बाद माना जा रहा है कि उनकी करीबी शशिकला पार्टी की कमान संभालेंगी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम और पार्टी की तरफ से भी एेसे ही संकेत दिए गए। लेकिन अब तमिलनाडु की राजनीति में जयललिता की Duplicate दीपा की एंट्री हो गई है। इसके बाद से माना जा रहा है कि शशिकला के लिए पार्टी प्रमुख बनना इतना आसान नहीं होगा। 

दीपा जयललिता के भाई जे जयकुमार की बेटी हैं। जयललिता की भतीजी दीपा कई मायनों में बिल्कुल जयललिता जैसी ही हैं। न सिर्फ शक्ल सूरत बल्कि परिवार के लोगों का कहना है कि दीपा की आदतें जयललिता से काफी मिलती हैं।

पार्टी संभालने के लायक नहीं शशिकला:दीपा 

दीपा ने जयललिता की मौत पर कई सवाल उठाए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा है कि शशिकला संभालने के लायक नहीं हैं। दीपा का कहना है कि उन्हें पार्टी में किसी का समर्थन हासिल नहीं है। लेकिन AIADMK एक लोकतांत्रिक पार्टी है। इसका प्रमुख वही होगा जो जनता की पसंद होगा। दीपा ने हाल ही में एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अगर लोग चाहेंगे तो वह ज़रूर राजनीति में आएंगी। 

जनता को नहीं पसंद शशिकला

तमिलनाडु में इस समय बड़ी संख्या में एेसे भी हैं जो जयललिता के जेल जाने को और दूसरी सभी परेशानियों का ज़िम्मेदार शशिकला को मानते हैं। जब जयललिता का निधन हुआ था तो लोगों ने ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाकर ये कहा था कि जयललिता की जगह कोई नहीं ले सकता और शशिकला तो बिल्कुल भी नहीं।

दीपा को देख लोगों को लगा जयललिता का भूत है

दीपा को जयललिता के अंतिम दर्शन भी नहीं करने दिए गए थे। दीपा जयललिता की अंत्योष्टी के अगले दिन मरीना बीच गईं। वहां मौजूद लोगों ने जब दीपा को देखा तो कुछ देर के लिए वह बिल्कुल डर गए। उन्हें लगा कि अम्मा वापस आ गई हैं। कुछ ने सोचा कि ये अम्मा का भूत है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब दीपा वहां पहुंची तो पहले तो लोग उन्हें देखकर घबरा गए लेकिन जब बात समझ में आई तो लोगों ने दीपा को घेर लिया। लोगों ने दीपा को यकीन दिलाया कि वह दीपा के साथ हैं और वह चाहते हैं कि अब वह राज्य की कमान संभालें।

 जयललिता ने रखा था दीपा का नाम

दीपा का जन्म जयललिता के घर में ही हुआ था। उस समय दीपा के मां-बाप जयललिता के साथ ही रहते थे। यहां तक की दीपा का नाम भी जयललिता ने ही रखा था। साल 1978 में जयललिता के भाई ने अलग घर ले लिया था। लेकिन दीपा समय-समय पर अपनी आंटी से मिलने आती रहीं। जयललिता और दीपा अक्सर किताबों के बारे में बात किया करती थीं। एक बार जयललिता दीपा से नाराज़ हो गईं। किसी बात पर जयललिता को लगा कि दीपा उनकी नकल कर रहीं हैं। लेकिन ये सब देख दीपा की मां हंसने लगीं। उन्होंने जयललिता को बताया कि ये नकल नहीं कर रही बल्कि दीपा बिल्कुल तुम्हारी तरह ही है। 

शशिकला के कारण हुए रिश्ते खराब 

दीपा मानती हैं कि उनके परिवार और जयललिता के संबंध शशिकला के कारण ही खराब हुए। जयललिता ने शशिकला के भांजे सुधाकरन को गोद लेने का फैसला किया था। परिवार नहीं चाहता था कि जयललिता एेसा करें। लेकिन जयललिता ने किसी की परवा किए बिना ये फैसला लिया और शशिकला के भांजे सुधाकरन को गोद लिया। बाद में जयललिता ने सुधाकरन की शादी में करोड़ों खर्च किए। इस कारण जयललिता विवादों में भी रहीं। 

2007 से नहीं देखा था जयललिता को 

दीपा के पिता का निधन साल 1995 में हो गया। दीपा आखिरी बार अपनी आंटी से साल 2007 में मिली थीं। वह मुलाकात भी काफी छोटी थी। दीपा कहती हैं कि उसके बाद मुझे नहीं पता कि उनके साथ क्या हुआ। मुझे मेरी आंटी ने कभी कुछ गलत नहीं कहा। हमारे बीच संबंध काफी अच्छे थे। दीपा इसी बात पर हैरान हैं कि उन्हें जयललिता को देखने उनके घर या अस्पताल क्यों नहीं जाने दिया गया। हालांकि दीपा का भाई दीपक जयललिता के अंतिम संस्कार के दौरान राजाजी गार्डन में मौजूद था। 

 दीपा ने उठाए ये अहम सवाल 

  • दो महीनों में मेरी आंटी के साथ क्या हुआ?
  • मुझे एक भी बार अपोलो अस्पताल में उन्हें देखने जाने क्यों नहीं दिया गया। 
  • मैं वहां 25 बार गई लेकिन मुझे अस्पताल में जाने ही नहीं दिया गया। 
  • मुझे जयललिता के अंतिम दर्शन क्यों नहीं करने दिए गए?
  • सबकुछ इतना गुपचुप तरीके से क्यों हुआ?

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