नक्सलबाड़ी में अमित शाह का लंच, नज़र 2019 पर

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BJP president Amit Shah lunch in naxalwadi, eyes on 2019

Last updated : 26 April, 2017 | Political

छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को हुए नक्सली हमले ने पूरे देश को दहलाकर कर रख दिया। इस हमले में CRPF के 25 जवान शहीद हो गए और आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह नक्सलबाड़ी पहुंचे। गौरतलब है ये वही जगह है जहां से नक्सली आंदोलन की शुरुआत हुई थी। शाह यहां आदिवासियों के घर पहुंचे। शाह ने यहां खाना भी खाया। अमित शाह के साथ बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष और सीनियर बीजेपी नेता कैलाश विजय वर्गीय भी थे। नक्सलबाड़ी से शाह ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को ललकारा। अमित शाह ने ममता बनर्जी पर केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक नहीं पहुंचने देने का आरोप लगाया। साफ है शाह ने बंगाल में मिशन 2019 का आगाज़ कर दिया है और नक्सलबाड़ी से शाह की हुंकार ये बताने के लिए काफी है कि बीजेपी दीदी के बंगाल में सेंध लगाने की पूरी तैयारी में है।

नक्सलबाड़ी में आदिवासी महिला गीता महली के घर अमित शाह ने लंच किया। लंच में अमित शाह को चावल, चपाती, सब्ज़ी और दाल परोसी गई। अमित शाह ने बड़े चाव से ये खाना खाया, लेकिन ये लंच मामूली नहीं है। ये लंच एक ऐसे मौके पर हो रहा है। जब सुकमा में लाल आतंक का कहर देखने को मिला। हमारे जवानों का लहू बह गया। आखिर शाह के इस लंच का सुकमा से क्या कनेक्शन है, तो आपको बता दें कि अमित शाह ने ये लंच किसी मामूली जगह पर नहीं किया। बल्कि उस जगह पर किया जहां से वो नक्सलवाद पैदा हुआ जिससे देश के सौ से ज्यादा जिले आज परेशान हैं, और जिसके चलते लगातार इंसानी जिंदगी का लहू बह रहा है।

जी हां, नक्सलबाड़ी में साल 1960 में नक्सल आंदोलन की शुरुआत हुई। हालांकि अमित शाह का ये दौरा पहले से तय था, लेकिन नक्सली हमले के बाद ये दौरा और भी अहम हो गया। अमित शाह ने नक्सलबाड़ी से ममता बनर्जी के खिलाफ भी मोर्चा खोला। अमित शाह ने आदिवासियों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल की गरीब महिलाओं को भी मुफ्त रसोई गैस देना चाहती है, लेकिन ममता बनर्जी का सहयोग नहीं मिल रहा।

असल में अमित शाह की नज़र 2019 पर है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। हाल के उपचुनावों में देखने को मिला है कि बीजेपी ने लेफ्ट की जगह ले ली है। अब ममता की सीधी टक्कर बीजेपी से दिख रही है। ऐसे में अमित शाह का फोकस बंगाल पर है और वो तीन दिन के पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं। दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी से शाह का बंगाल प्लान कामयाब होता है या नहीं ये तो वक्त बताएगा, लेकिन इतना तय है कि शाह बेहद कुशल रणनीतिकार है और संगठन को कैसे फैलाना है ये वो अच्छी तरह जानते हैं।

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